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FAQ (Farquently Ask Questions and answer)
डेंगू क्यों होता है ? डेंगू के लक्षण, बचाव , इलाज और क्या खाने चाहिए -पूरी जानकारी
परिचय:-
बरसात के मौसम शुरू होने से ही साथ ही साथ डेंगू बिमारी होने के सम्भावना बढ़ जाता है। क्योंकी बरसात में घर के आस पास पानी जमा हो जाने के डर बना रहता है। इसलिए डेंगू मच्छर जमें हुए पानी में पाये जाता है। इसलिए अपने आसपास पानी ना जमने दें। यह एक वयारल संक्रमित बिमारी है। समय पर इलाज ना मिलने से यह एक बड़ी बिमारी के रुप ले लेती है। अगर सही जानकारी एवं बचाव से डेंगू बिमारी
इस लेख के माध्यम से जान पाएंगे की डेंगू क्यों होता है? डेंगू के शुरुआती लक्षण क्या हैं, डेंगू से बचाव, इसके इलाज क्या है, और डेंगू से बचने के सबसे कारगर उपाय क्या है।
डेंगू क्या है ?
डेंगू एक वयारल संक्रमण बिमारी के नाम से जाना जाता है। यह एक एडीज मच्छर के काटने से होता है। ये मच्छर जमें एवं साफ-सुथरी पानी में पाये जाता है। ये मच्छर प्रायः दिन में ही काटते हैं। इस मच्छर के नाम
डेंगू क्यों होता है ?
डेंगू एक वयारल संक्रमित बिमारी है। जब डेंगू मच्छर जब एक स्वस्थ व्यक्ति को काटता है तो उस व्यक्ति में बहुत तेजी से पूरी शरीर में वयारल फैल जाती है। जिसके चलते वे व्यक्ति डेंगू बिमारी के शिकार हो जाते हैं।
डेंगू फैलने के कुछ मुख्य कारण।
हेल्थ एक्सपर्ट मुताबिक डेंगू फैलने के कुछ मुख्य कारण भी माना जाता है। जैसे में की।
1) घर आस पास पानी जमा होने से
2) पानी के टंकी के ढक्कन खुले होने से
3) पुराने टायर,खाली गमले,कूलर और पूराने डिब्बों में पानी जमा होना।
4) बरसात के मौसम मच्छरों के संख्या में बढ़ोतरी होना
5) मच्छरों से बचाव ना करना
1) घर के आस पास पानी जमा होने से।
हेल्थ एक्सपर्ट मुताबिक बरसात के मौसम में घर के आस पास साफ-सुथरी पानी जमा होने से डेंगू मच्छर जन्म लेने के सम्भावना बढ़ जाता है। इसलिए बरसात के मौसम में घर के आस पास पानी नहीं होने देना चाहिए। नहीं तो डेंगू बिमारी के शिकार हो सकते हैं।
2) पानी के टंकी खुले होने से मच्छर
हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक पानी टंकी खुले नहीं होने चाहिए। क्योंकी पानी टंकी खुले होने से डेंगू जन्म लेने के सम्भावना अधिक बढ़ जाता है। इसलिए पानी टंकी हमेशा ही ढक्कन लगाकर कर रखने चाहिए।
3) पुराने टायर, खाली गमले, कूलर में पानी जमा होना
हेल्थ एक्सपर्ट मुताबिक घर के आस पास पुराने टायर और खाली गमले एवं कूलर में पानी भरे ज्यादा दिन तक नहीं रखने चाहिए। क्योंकी नियमित रूप से पानी भरे रहने से डेंगू मच्छर जन्म लेने के सम्भावना बढ़ जाता है। और इस तरह डेंगू बिमारी होने के सम्भावना रहता है।
4) बरसात के मौसम में मच्छरों के संख्या बढ़ जाती है।
हेल्थ एक्सपर्ट मुताबिक बरसात के मौसम में मच्छरों के संख्या में बढ़ोतरी होती है। इसलिए बरसात के मौसम में मच्छरों से अपने शरीर को बचाव करने चाहिए।
5) मच्छरों से बचाव ना करना
हेल्थ एक्सपर्ट मुताबिक हम सब को बरसात के मौसम में मच्छरों से बचाव करने चाहिए। नहीं तो डेंगू बिमारी के शिकार हो सकते हैं।
डेंगू के शुरुआती लक्षण क्या होते हैं ?
हेल्थ एक्सपर्ट मुताबिक बरसात के मौसम में डेंगू वायरल संक्रमण बिमारी होने के सम्भावना बढ़ जाता है। क्योंकी बरसात के मौसम में मच्छरों के संख्या बढ़ने लगती है। इसलिए डेंगू संक्रमित बिमारी जिस व्यक्ति में होता है,उन सभी लोगों में डेंगू संक्रमित बिमारी के शुरुआती लक्षण कुछ दिखाई पड़ता है। जैसे में की
1) तेज बुखार होना
2) सिर दर्द होना
3) आंखों के पीछे दर्द होना
4) जी मचलना
5) उल्टी होना
6) कमजोर होना
7) शरीर और जड़ों में दर्द
8) शरीर में लाल चकत्ते होना
1) तेज बुखार
हेल्थ एक्सपर्ट मुताबिक जब कोई व्यक्ति डेंगू से संक्रमण
हो जाता है। उस समय उस स्थिति में वे व्यक्ति के शरीर में कभी-कभी तेज बुखार होने के सम्भावना बढ़ जाता है। शरीर में तेज बुखार होना एक तरह से डेंगू के शुरुआती लक्षण में से एक है।
2) सिर दर्द होना
हेल्थ एक्सपर्ट मुताबिक जब कोई व्यक्ति में डेंगू से ग्रस्त हो जाता है। उस समय उस व्यक्ति के सिर दर्द हो सकता है। क्योंकी डेंगू से ग्रस्त व्यक्ति में कभी-कभी सिर दर्द भी होना लाजिमी है। सिर दर्द होना भी एक तरह से डेंगू के शुरुआती लक्षण में गीना जाता है।
3) आंखों के पीछे दर्द होना
हेल्थ एक्सपर्ट मुताबिक डेंगू से ग्रस्त व्यक्ति में कभी-कभी आंखों के पीछे दर्द भी होता है। क्योंकी डेंगू से ग्रस्त व्यक्ति में कभी-कभी आंखों के पीछे दर्द होता है, और एक तरह से डेंगू के शुरुआती लक्षण में एक है।
4) जी मचलना
हेल्थ एक्सपर्ट मुताबिक डेंगू से ग्रस्त व्यक्ति में कभी-कभी जी मचलना भी एक तरह से लाजमी है। क्योंकी डेंगू से ग्रस्त व्यक्ति में कभी-कभी जी भी मचलने लगता है। और ये एक तरह से डेंगू के शुरुआती लक्षण में एक है।
5) उल्टी होना
हेल्थ एक्सपर्ट मुताबिक डेंगू से ग्रस्त व्यक्ति में कभी-कभी उल्टी होने लगता है। और उल्टी होना भी डेंगू के शुरुआती लक्षण में एक माना जाता है।
6) कमजोर होना
हेल्थ एक्सपर्ट मुताबिक डेंगू से ग्रस्त व्यक्ति में कभी-कभी शरीर में कमजोरी महसूस होती है। एवं डेंगू से ग्रस्त व्यक्ति में कभी-कभी कमजोरी महसूस होना भी एक तरह से डेंगू के शुरुआती लक्षण में से एक है।
7) शरीर और जड़ों में दर्द
हेल्थ एक्सपर्ट मुताबिक जब कोई व्यक्ति डेंगू संक्रमण से ग्रस्त हो जाता है। उस समय उस व्यक्ति के शरीर में कभी-कभी शरीर और जड़ों में दर्द होना लाजिमी है, क्योंकी एक तरह से डेंगू के शुरुआती लक्षण में से एक है।
8) शरीर में लाल चकत्ते होना
हेल्थ एक्सपर्ट मुताबिक जब कोई डेंगू मच्छर काटने से कोई व्यक्ति जब संक्रमण हो जाता है। तब उस व्यक्ति में कभी-कभी शरीर में लाल चकत्ते जैसे होने के सम्भावना रहता है। ये भी एक तरह से डेंगू के शुरुआती लक्षण में एक है।
डेंगू के गंभीर लक्षण ?
हेल्थ एक्सपर्ट मुताबिक जब कोई व्यक्ति डेंगू से ग्रस्त हो जाता है। उस समय उस व्यक्ति में डेंगू के कुछ गंभीर लक्षण दिखाई पड़ता है। लेकिन डेंगू के गंभीर लक्षण दिखाई देने से उस व्यक्ति को तुरंत होस्पीटल में जाने चाहिए। एवं होस्पीटल में भर्ती करवा देना चाहिए।
1) लगातार उल्टी होना
2) सांस लेने में दिक्कत होना
3) पेट में दर्द होना
4) नाक एवं मसूड़ों में खून आना
5) कमजोरी और बेहोश होना
1) लगातार उल्टी होना
हेल्थ एक्सपर्ट मुताबिक डेंगू से ग्रस्त व्यक्ति को कभी-कभी लगातार उल्टी भी होने लगता है। यह एक तरह से डेंगू के गंभीर लक्षण में से एक है। उस समय उस व्यक्ति को तुरंत होस्पीटल में भर्ती करवा देना चाहिए। क्योंकी लगातार उल्टी होने से शरीर में पानी के कमी होने लगती है। जिसके चलते उस व्यक्ति को तुरंत होस्पीटल में दाखिल करना अति आवश्यक हो जाता है।
2) सांस लेने में दिक्कत
हेल्थ एक्सपर्ट मुताबिक जब कोई व्यक्ति डेंगू से ग्रस्त हो जाता है। उस समय कभी-कभार सांस लेने में दिक्कत होती है। यह भी एक तरह से डेंगू के गंभीर लक्षण में से एक है। जब डेंगू से ग्रस्त व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत होने से तुंरत उस व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती करवा देना चाहिए।
3) पेट में दर्द होना
हेल्थ एक्सपर्ट मुताबिक जब कोई व्यक्ति डेंगू से ग्रस्त हो जाता है। उस समय उस व्यक्ति में कभी-कभी पेट में भी दर्द होना भी एक तरह से डेंगू के गंभीर लक्षण है।
4) नाक एवं मसूड़ों में खून आना
हेल्थ एक्सपर्ट मुताबिक जब कोई व्यक्ति डेंगू से ग्रस्त हो जाता है। उस समय उस व्यक्ति में कभी-कभी नाकों और मसूड़ों में खून बहता है। यह भी एक तरह से डेंगू के गंभीर लक्षण में से एक है। उस समय तुंरत उस व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती करवा देना चाहिए।
5) कमजोरी और बेहोश होना
हेल्थ एक्सपर्ट मुताबिक जब कोई व्यक्ति डेंगू से ग्रस्त हो जाता है। उस समय कभी-कभार वह व्यक्ति कमजोरी महसूस करता है और बेहोश होना के भी चांस रहता है। इसलिए यह भी एक तरह से डेंगू के गंभीर लक्षण में से एक है। इस तरह होने से उस व्यक्ति को उस समय तूरंत अस्पताल में भर्ती करवा देना चाहिए।
डेंगू से ग्रस्त व्यक्ति को क्या-क्या जांच करने पड़ते हैं ?
हेल्थ एक्सपर्ट मुताबिक जब कोई व्यक्ति डेंगू से ग्रस्त हो जाता है। उस समय डाक्टर क्या-क्या जांच करने कहता है, क्योंकी बिना जांच किये पाता लगना मुश्किल हो जाता है, की उस व्यक्ति में डेंगू वायरल संक्रमण है या नहीं। इसलिए डाक्टर सर पर निर्भर करता है की डाक्टर सर किस तरह के जांच करने के आदेश देते हैं। और डेंगू से ग्रस्त व्यक्ति को डाक्टर सर निम्नलिखित जांच करवा सकते हैं। जैसे में की
1) CBC (Complete Blood Count)
2) NS1 Antigen Test
3) lgn/lgG Antibody Test
डेंगू के इलाज क्या है ?
डॉक्टर सर, डेंगू के कोई विशेष एंटीवायरल इलाज नहीं है। क्योंकि डेंगू होने के बाद सबसे पहले उस व्यक्ति के शरीर में पानी की कमी को रोकना और मरीज के स्थिति पर ध्यान रखना होता है। क्योंकि अगर शरीर से पान कम होने से शरीर कमजोर होने लगता है।
2) डेंगू से ग्रस्त व्यक्ति को प्रायाप्त माता में पानी पीने चाहिए। और ORS powder के पानी भी पीने चाहिए, क्योंकी ORS powder पानी पीने से शरीर को प्रकातिक उर्जावान एवं स्वस्थ रखने में मदद करता है।
3) डॉक्टर के सलाह अनुसार ही डेंगू से ग्रस्त व्यक्ति को दवाई लेने चाहिए। अपने मतलब से दवाई नहीं लेना चाहिए।
4) डेंगू से ग्रस्त व्यक्ति को आराम करने चाहिए।
डेंगू में क्या प्लेटलेट्स हमेशा कम हो जाता है ?
हेल्थ एक्सपर्ट मुताबिक डेंगू से ग्रस्त कुछ व्यक्तियों में प्लेटलेट्स कम होने के सम्भावना रहता है। इसका मतलब यह नहीं है की डेंगू के दौरान हर व्यक्तियों में प्लेटलेट्स कम हो जाता है। और केवल प्लेटलेट्स की संख्या देखकर बीमारी की गंभीरता का अनुमान नहीं लगाया जा सकता है। क्योंकी डाक्टर मरीजों के पूरी स्थिति को देखते हुए मूल्यांकन करते हैं।
डेंगू से बचाव कैसे करते हैं ?
हेल्थ एक्सपर्ट मुताबिक डेंगू तो एक वायरल संक्रमण बिमारी है। लेकिन डेंगू किसी को ना हो इसके लिए आपको अपने आप में ठीक रहने पड़ता है। और अपने आस-पास के जगह को नियमित साफ-सुथरी रखने चाहिए। ताकि आपके वातावरण एक दम से अच्छा रह सके। डेंगू से अपने आप को बचाव करने के लिए निम्नलिखित उपाय हैं। जैसे में की
1) अपने कुलर के पानी सप्ताह में एक बार अवश्य चेज़ करने चाहिए।
2) घर के आस पास पानी ना जामा होने दें ।
3) मच्छर दानी के उपयोग करें।
4) शरीर में पुरे कपडे पहने एवं शरीर को पुरे ढक कर सोया करें।
5) मच्छर भागने वाले क्रीम या रिपेलमेंट का उपयोग करें।
डेंगू होने पर क्या खाने चाहिए ?
हेल्थ एक्सपर्ट मुताबिक डेंगू एक वयारस संक्रमण बिमारी है। पर जब कोई व्यक्ति डेंगू से ग्रस्त हो जाता है। उस समय उस व्यक्ति को क्या सब खाने चाहिए। जैसे में की
1) नारियल पानी पीने चाहिए।
2) ORS powder पीने चाहिए।
3) ताजे फल और सब्जियां खाने चाहिए।
4) हल्का और पौष्टिक भोजन करना चाहिए।
1) नारियल पानी पीने चाहिए
हेल्थ एक्सपर्ट मुताबिक जब कोई व्यक्ति डेंगू से ग्रस्त हो जाए तब उस समय उस व्यक्ति को नारियल पानी पीने देना चाहिए।
2) ताजे फल और हरी सब्जियां
हेल्थ एक्सपर्ट मुताबिक जब कोई व्यक्ति को डेंगू से ग्रस्त हो जाता है उस समय उस व्यक्ति को खाने में हरी सब्जियां और ताजे फल खाने देने चाहिए। ताकि उसके शरीर में प्रोटीन, विटामिन्स एवं मिनरल्स की कमी ना हो। और शरीर एकदम से स्वस्थ रहें।
3) ORS powder पीने चाहिए
हेल्थ एक्सपर्ट मुताबिक जब कोई व्यक्ति डेंगू से ग्रस्त हो जाता है उस समय उस व्यक्ति को ORS powder पीने देना चाहिए। ताकी उसके शरीर में पानी की कमी ना हो।
4) हल्का और पौष्टिक भोजन करना चाहिए
हेल्थ एक्सपर्ट मुताबिक जब कोई व्यक्ति को डेंगू से ग्रस्त हो जाए तब उस समय उस व्यक्ति को हल्का और पौष्टिक भोजन देने चाहिए। क्योंकि जदा तेल, मसला वाला भोजन देने से डेंगू से निजात पाने में परेशानी होती है। इसलिए हमेशा ही डेंगू से ग्रस्त व्यक्ति को हल्के और पोष्टिक आहार देना चाहिए। ताकि डेंगू से जल्दी से निजात मिल सके।
FAQ (Farquently Ask Questions and answer)
अक्सर पूछे जाने वाले Question ?
Q1. क्या डेंगू दुबारा हो सकता है ?
उत्तर - जी हां, डेंगू वायरस संक्रमण बिमारी है। इसलिए डेंगू बिमारी दुबारा भी होने का आंशका रहता है।
Q 2. क्या डेंगू में एंटीबायोटिक की आवश्यकता होती है ?
उत्तर - डेंगू एक वयारस से होने वाली बिमारी है। इसलिए डाक्टर के सलाह अनुसार ही डेंगू से ग्रस्त व्यक्ति को दिया जाता है। यदि किसी बैक्टीरियल संक्रमण के अंशाका होने पर ही। एवं अपने मर्जी से एंटीबायोटिक दवाएं नहीं देना चाहिए।
Q 3. डेंगू से बचने का सबसे आसान तरीका क्या है ?
हेल्थ एक्सपर्ट मुताबिक डेंगू से बचने का सबसे आसान तरीका यह है की सबसे पहले अपने आसपास मच्छरों को नहीं पनपने देना चाहिए और मच्छरों से हमेशा बच कर रहना चाहिए।
निष्कर्ष:-
डेंगू एक वयारस संक्रमण से होने वाले बिमारी है। यह एक खातरनाक बिमारी है। लेकिन इसे रोका जा सकता है। यदि हम सब अपने आसपास साफ-सुथरी रखने से और पानी ना जामा होने दें तो,और मच्छरों से बचाव करने से डेंगू का खतरा को कम किया जा सकता है। और यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार एवं और लक्षण दिखाई देते हैं। तो अपने से दवाई ना लेकर डाक्टर से सम्पर्क करने के बाद ही कोई दवाई लेने चाहिए।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई गई दावों की health paswanblog live पुष्टि नहीं करता है। केवल सुझाव के रूप में लें. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
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और आगे जाने, क्या मलेरिया जानलेवा बुखार है। निचे दिए हुवे लिंक के माध्यम से जान पाएंगे।
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