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मोबाइल ज्यादा देखने से आंखों में क्या असर पड़ता है?
आज के समय में मोबाइल हर किसी के लिए बहुत ही आवश्यक है। मानो तो मोबाइल के बिना लाइफ अधुरी है। क्योंकि मोबाइल के कारण ही खाने से लेकर कपड़े पहनने तक आपको घर पर बैठी ही मिल जाता है। और भी बहुत कुछ मोबाइल के कारण ही प्राप्त होता है। जैसे में की पढ़ाई से लेकर मनोरंजन तक, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक महिलाएं हो या पुरुष एवं बच्चों सभी ने मोबाइल ज्यादा देर तक देखते हैं तो आंखों में समस्या उत्पन्न हो सकता है। इसलिए लम्बे समय तक मोबाइल ज्यादा देर तक आंखों के सामने ना रखें। चलिए जानते हैं इस लेख के माध्यम से मोबाइल ज्यादा देर तक देखने पर आंखों पर क्या असर पड़ता है।और इसके लक्षण क्या है।
मोबाइल ज्यादा देखने पर आंखों में क्या नुकसान होता है?
डाक्टरों के मुताबिक महिलाएं हो या पुरुष एवं बच्चों सभी को ज्यादा देर तक मोबाइल नहीं देखने चाहिए। क्योंकि ज्यादा समय तक मोबाइल देखने से आंखों में विभिन्न प्रकार के समस्या उत्पन्न होने लगता है। जैसे में की
1) आंखों में थकान
2) आंखों में सूखापन
3) आंखों से धुंधला दिखाई देना
4) सिरदर्द की समस्या
5) नींद ना आना
6) आंखों की रोशनी कमजोर
1) आंखों में थकान
डाक्टरों के मुताबिक महिलाएं हो या पुरुष एवं बच्चों सभी को लगातार एक दम से मोबाइल नहीं देखने चाहिए। क्योंकि लगातार मोबाइल देखने से आंखों के मांसपेशियां कमजोर एवं थक जाते हैं, जिसके कारण आंखों में दर्द एवं भारीपन और जलन महसूस होती है। इसलिए डाक्टरों के मुताबिक लगातार मोबाइल फोन के स्कीन पर आंखों से नहीं देखने चाहिए।
2) आंखों में सूखापन
डाक्टरों के मुताबिक महिलाएं हो या पुरुष एवं बच्चों सभी को मोबाइल फोन हमेशा नहीं देखने के सलाह देते हैं। क्योंकि मोबाइल देखने के दौरान हम सब अपने आंखों के पलक को झपकाते रहते हैं जिसके चलते आंखों के नमी कम होने लगता है। और आंखों में सूखापन महसूस होने लगता है।
3) धुंधला दिखाई देना
डाक्टरों के मुताबिक जब कोई महिला हो या पुरुष एवं बच्चों हर कोई हर दिन सुबह-शाम मोबाइल से चिपके रहते हैं। जिसके कारण आपको कभी कभार अपने आंखों से धुंधला पन दिखाई देता है।
4) सिर दर्द के समस्या
डाक्टरों के मुताबिक महिलाएं हो या पुरुष एवं बच्चों सभी को सलाह दिया जा रहा है की हमेशा ही तेज रोशनी में और लम्बे समय तक मोबाइल के स्किन को ना देखते रहे हैं, नहीं तो आपके आंखों में समस्या उत्पन्न होने के सम्भावना बढ़ जाती है। और साथ ही साथ आपके शिर दर्द होने के भी चांस रहता है।
5) नींद ना आना
डाक्टरों के मुताबिक महिलाएं हो या पुरुष एवं बच्चों सभी को ज्यादा देर तक मोबाइल नहीं देखने चाहिए, नहीं तो आपके नेचुरल नींद आंखों से धीरे-धीरे चले गए। क्योंकि रात को लम्बे समय तक मोबाइल को देखते रहने से मोबाइल के स्किन से निकलने वाली नीली रोशनी (Blue Light) नींद के हार्मोन को प्रभावित करता है। जिसके चलते आपके आंखों के नींद चले जाते हैं।
6)आंखों के रोशनी को कमजोर होना
डाक्टरों के मुताबिक महिलाएं हो या पुरुष एवं बच्चों सभी को मोबाइल फोन लम्बे समय तक नहीं देखना चाहिए। क्योंकि मोबाइल फोन लम्बे समय तक देखने से बहुत सारे समस्या उत्पन्न होने लगता है। और खासकर कर आंखों के रोशनी भी कमजोर होने लगता है।
मोबाइल से आंखों को बचाने के उपाय ?
डाक्टरों के मुताबिक महिलाएं हो या पुरुष एवं बच्चों सभी को मोबाइल से अपने आंखों को बचाने के उपाय निम्नलिखित हैं। जैसे में की
1) 20-20-20 नियम अपनाए
डाक्टरों के मुताबिक महिलाएं हो या पुरुष एवं बच्चों सभी को अपने मोबाइल से ज्यादा देर तक चिपके रहना आंखों के लिए बहुत ही ग़लत बात है। इसलिए डाक्टरों के हिसाब से आप हर बीस 20 मिनट के बाद 20 बीस सेकंड के लिए आप 20 बीस फीट दूर तक अपने आंखों से देखें। ताकि आपके आंखों के उपर कोई क्षतिग्रस्त ना हो। यही है ट्वेन्टी-ट्वेन्टी के नियम।
2) स्क्रीन को ब्राइटनेस को कम रखें
डॉक्टरों के अनुसार हर किसी को अपने आंखों को स्वस्थ रखने के लिए आपको हमेश ही अपने मोबाइल के स्क्रीन के ब्राइटनेस को कम रखने चाहिए। क्योंकि मोबाइल के स्क्रीन के ब्राइटनेस ज्यादा रखने से आंखों के रोशनी में नुकसान पहुंचता है।
3) ब्लू लाइट फिल्टर/ नाइट मोड इस्तेमाल करें
डाक्टरों के मुताबिक महिलाएं हो या पुरुष एवं बच्चों सभी को अपने मोबाइल को देखते समय ब्लू लाइट फिल्टर का उपयोग करने चाहिए। या तो मोबाइल को नाईट मोड में ही इस्तेमाल करना चाहिए। क्योंकि मोबाइल को देखते समय मोबाइल से जो तेज रोशनी आंखों में पड़ने से आंखों के लेंस के उपर क्षतिग्रस्त पहूंचता है। इसलिए रात के समय अपने मोबाइल को हमेशा ही नाइट मोड में रखना चाहिए। ताकि आपके आंखें सुरक्षित रह सके।
4) अंधेरे में मोबाइल ना देखें
डाक्टरों के मुताबिक महिलाएं हो या पुरुष एवं बच्चों सभी को सलाह दिया जा रहा है की अपने मोबाइल को अंधेरे में नहीं देखने चाहिए। क्योंकि मोबाइल फोन अंधेरे में देखने से आंखों के उपर बहुत ज्यादा ही नुकसान होता है। और धीरे-धीरे आपके आंखों के रोशनी भी कम होने के सम्भावना बढ़ जाता है।
5) लागतार मोबाइल ना देखें
डाक्टरों के मुताबिक महिलाएं हो या पुरुष एवं बच्चों सभी को सलाह दिया जाता है की मोबाइल ज्यादा ना देखें। क्योंकि मोबाइल लागातार देखने से आंखों के लेंस धीरे-धीरे खराब होने लगता है। इसलिए लागातार मोबाइल देखने के दौरान आप हर 30 तीस मिनट में एक बार ब्रेक लेना चाहिए। क्योंकि ब्रेक लेने से आंखों में सूखापन महसूस नहीं होता है। और आंखें सुरक्षित रहता है।
6) मोबाइल को आंखों से दूर रखें
डॉक्टरों के अनुसार हर किसी को सहला दिया जा रहा है की मोबाइल चालते वक्त मोबाइल को अपने आंखों से कम से कम 16-18 लेकर इच के दूरी पर रख कर मोबाइल देखना चाहिए। और मोबाइल देखने के समय अपने आंखों के पलके हर समय मतलब अधीक बार आंखों के पलकें झपके। क्योंकि ऐसा करने से आंखों में सूखापन कम महसूस होता है।
निष्कर्ष :-
हमारे हिसाब से आज के समय में मोबाइल हमलोगों के लिए बिल्कुल एक लाइफ़ पार्टनर के जैसे बन गया है। क्योंकि अभी डिजीटल का समय है। लेकिन हद से ज्यादा मोबाइल देखने से आंखों के लिए बिल्कुल ठीक नहीं है। क्योंकि ज्यादा मोबाइल देखने से आंखों में सूखापन,धुंधलापन, और सिरदर्द जैसे समस्याएं उत्पन्न हो सकती है।
? FAQ section Question and Answer (अक्सर पुछे जाने वाले FAQ?)
Q 1.रोज कितने घंटे मोबाइल देखना सुरक्षित है?
उत्तर - डाक्टरों के मुताबिक महिलाएं हो या पुरुष एवं बच्चों सभी को मोबाइल फोन लम्बे समय तक नहीं देखना चाहिए। हर 20 से लेकर 30 मिनट में आंखों को आराम देने चाहिए।
Q 2. मोबाइल से आंखों की रोशनी बचाने के लिए क्या करें ?
उत्तर - डाक्टर के मुताबिक मोबाइल रोशनी से बचने के लिए मोबाइल के स्किन ब्राइटनेस को कम करके रखने चाहिए। और मोबाइल के ब्लू लाइट फिल्टर इस्तेमाल करना चाहिए जिससे आपके आंखें सुरक्षित रहता है।
Q 3. क्या मोबाइल बच्चों के आंखों को ज्यादा नुकसानदायक करता है?
उत्तर - जी हां, मोबाइल फोन बच्चों के आंखों को नुकसान पहुंचता है। क्योंकि बच्चों के आंखें संवदेनशील होता है। इसलिए मोबाइल के स्किन को टाइम सीमित रखना चाहिए।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई गई दावों की health paswanblog live पुष्टि नहीं करता है। केवल सुझाव के रूप में लें. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
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आगे पढ़े जॉन्डिश क्या होता है? इस लिंक के माध्यम से जाने।
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