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मोतियाबिंद क्या होता है ?
मोतियाबिंद आंखों से जुड़ी एक आम बीमारी है। परन्तु समय पर इलाज ना होने से धीरे-धीरे गंभीर समस्या उत्पन्न होने लगता है। क्योंकि आँखों में जो लेंस होता है वह धीरे-धीरे खराब होने लगता है मतलब सरल भाषा में समझें लेंस पर धुंधला जमने लगता है। क्योंकि सामान्य स्थिति में आँखों के लेंस पारदर्शी होता है, जिसके चलते लेंस पारदर्शी होने के कारण ही आंखों के रोशनी को रेटिना तक पहुंचता है। परंतु जब लेंस पर जब धुंध जमने लगता है,तब आंखों से साफ-साफ दिखाई देना मुश्किल हो जाता है। जिसे हमलोगों ने मोतियाबिंद के नाम से जानते हैं। इसे ही मोतियाबिंद कहते हैं।अब हमलोग इस ब्लॉग के माध्यम से जाने गे की मोतियाबिंद आखिर क्यों होता है। इसके मुख्य कारण, लक्षण,और इससे बचाव के क्या उपाय है।
रेटिना क्या होता है ?
रेटिना आंखों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण और संवेदनशील हिस्सा होता है। रेटिना हमलोगों के आंखों के अंदर के पीछे वाले भाग में एक पतली झिल्ली(परत) होती है। एक दम से सरल भाषा में समझें ये पतली झिल्ली हमलोगों के आंखों में कैमरे के जैसा काम करता है। जैसे में की जिस तरह फिल्म के कैमरा और मोबाइल कैमरे के सेंसर काम करता है,उसी तरह पतली झिल्ली आंखों में कैमरे के जैसा काम करता है। ये रेटिना के नाम से जाना जाता है।
लेंस क्या होता है ?
लेंस आंखों के एक पारदर्शी और गोल आकार का हिस्सा होता है। एक दम से सरल भाषा में समझें लेंस आंखों के सामने वाले भाग में स्थित रहता है। इसका मुख्य काम आंखों के रोशनी को मोड़कर (फोकस करके) आंखों के रेटिना तक रोशनी को पहुंचाने के काम करता है। ताकि हमलोगों को साफ-साफ दिखाई दे सके। जिस तरह फिल्म के कैमरा फिल्म के तस्वीर को एक दम से साफ-साफ दिखाई देने में मदद करता है,उसी तरह ही आंखों के लेंस भी फिल्म के कैमरा जैसे ही काम करता है। और इसी लेंस के माध्यम से हमलोगों को हर समय सब कुछ साफ-साफ दिखाई देता है।
मोतियाबिंद आंखों में किस-किस कारणों से होता ?
हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक मोतियाबिंद एक साधारण बिमारी है। परन्तु समय रहते इस बिमारी का इलाज नहीं करने से आंखों में समस्या उत्पन्न होने के सम्भावना बढ़ जाता है। इसलिए समय से ही मोतियाबिंद बिमारी का इलाज करा लेना चाहिए। चलिए अब जानते है इस बॉल्ग पोस्ट के माध्यम से जानें गे की मोतियाबिंद बिमारी किस कारण से होता है। जैसे में की
1) उम्र बढ़ने से
2) डायबिटीज (मधुमेह) बढ़ने से
3) ज्यादा धुप और यूवी किरणें से
4) धूम्रपान और शराब सेवन से
5) आंखों में चोट य सर्जरी
6) लम्बे समय तक दवाईयां सेवन करने से
7) अनावश्यक होने से
1) उम्र बढ़ने से
हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक आंखों में मोतियाबिंद होने के कुछ कारण है, इनमें से एक कारण उम्र बढ़ने से आंखों में मोतियाबिंद होने के संभावना बढ़ जाती है। क्योंकि जब उम्र बढ़ने लगता है, उस समय शरीर के कोशिकाएं कमजोर होने लगती है। क्योंकि उम्र बढ़ने से शरीर में नए कोशिकाएं कम बनने लगता है। जिसके चलते आंखों में मोतियाबिंद बीमारी होने के चांस ज़्यादा बढ़ जाता है। और दूसरे कारण उम्र बढ़ने से आंखों में मौजूद लेंस में जो प्रोटीन होता है वो भी भी टूटने लगता है जिसके चलते आपस में प्रोटीन चिपककर आंखों से धुंधला पन दिखाई पड़ता है। एवं हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक महिलाएं हो या पुरुष 50 पचासा साल के बाद मोतियाबिंद बिमारी होने के सम्भावना बढ़ जाता है।
2) डायबिटीज़ (मधुमेह) बढ़ने से
हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार पुरुष हो या महिला जब इनमें शुगर बढ़ने लगता है,उस समय मोतियाबिंद बीमारी होने के संभावना बढ़ जाता है। क्योंकि जब शरीर में शुगर लेवल बढ़ने लगता है, उस समय आंखों के लेंस खराब होने लगता है। इसलिए शरीर में जब शुगर लेवल बढ़ जाता है उस समय आंखों में मोतियाबिंद बिमारी होने के सम्भावना अधिक बढ़ जाता है।
3) ज्यादा धुप और यूवी किरणें से
हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक महिलाएं हो या पुरुष हर कोई अगर ज्यादा देर तक धूप में रहते हैं तो आंखों के लेंस खराब होने का सम्भावना बढ़ जाता है। क्योंकि सुरज रोशनी (UV) पेरा बैंगनी आंखों के लेंस को ख़राब करता है। जिसके चलते धीरे-धीरे आंखों में मोतियाबिंद उत्पन्न होने लगता है।
4) धुम्रपान और शराब सेवन से
हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक धूम्रपान और शराब सेवन करने से आंखों में मोतियाबिंद उत्पन्न होने के सम्भावना बढ़ जाता है। क्योंकि धूम्रपान और शराब में जो हानिकारक तत्व पाए जाते हैं जिसके कारण आंखों को नुकसान पहुंचता है। एवं जो लोग हर दिन धूम्रपान और शराब सेवन करने से मोतियाबिंद बिमारी के चांस बढ़ जाता है।
5) आंखों में चोट या सर्जरी
हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार कभी कभार आंखों में चोट लगने से मोतियाबिंद उत्पन्न होने के सम्भावना बढ़ जाता है। और आंखों में सर्जरी करने से भी मोतियाबिंद भी होने के सम्भावना रहता है। ओर सर्जरी करने के बाद जब मोतियाबिंद बिमारी होता है उसे ट्राॅमेटिक कैटरेक्ट कहा जाता है।
6) लम्बे समय तक दवाइयां लेने से
हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक जो लोग किसी कारण लम्बे समय तक दवाइयां खाते हैं, उन लोगों को मोतियाबिंद बिमारी होने के सम्भावना बढ़ जाता है। क्योंकि दवाई बनाते समय जो कुछ त्वत पदार्थ उपयोग में लाया जाता है, वह शरीर के लिए और साथ ही साथ आंखों के लिए भी हानिकारक होता है। क्योंकि ज्यादा समय तक दवाइयां लेने से आंखों में मोतियाबिंद उत्पन्न होने के सम्भावना बढ़ जाता है। खासकर करके स्टेरॉयड दवाईयां ज्यादा दिन खाने से आंखों में मोतियाबिंद उत्पन्न होने के सम्भावना बढ़ जाता है।
7) आनुवंशिक कारण
हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक आनुवंशिक कारण भी आंखों में मोतियाबिंद बिमारी होने के सम्भावना रहता है। क्योंकि आनुवंशिक के मतलब होता है की अगर आपके परिवार में किसी को पहले से ही मोतियाबिंद बिमारी हो रखा होता है, तो उस परिवार में फिर से किसी को भी मोतियाबिंद उत्पन्न हो सकता है। ये एक दम से सौ प्रतिशत सत्य नहीं है। ये बात हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक बताया जा रहा है।
मोतियाबिंद उत्पन्न होने से आंखों में क्या लक्षण दिखाई देता है ?
चलिए जानते हैं इस लेख के माध्यम से जब आंखों में मोतियाबिंद उत्पन्न होता है तो आंखों में क्या लक्षण दिखाई देता है। जैसे में की
1) धुंधला पन दिखाई देगा
2) रात में कम दिखाई देना
3) चश्मा के नम्बर बार-बार बदलना
4) रोशनी में चकाचौंध महसूस होना
5) रंग फीके दिखाई पड़ना
मोतियाबिंद बिमारी से बचने के लिए क्या उपाय करना चाहिए ?
चलिए जानते हैं हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक आंखों में मोतियाबिंद उत्पन्न ना हो उससे बचाव के लिए हम सबको क्या करने चाहिए। जैसे में की
तेज धूप
धुप में जब आप बहार निकलते हैं, तो आप टोपी और सनग्लासेस के उपयोग करना चाहिए। क्योंकि आप अपने आंखों को धूप के तेज रोशनी से बचा सकते हैं। ताकि आपके आंखों के लेंस खराब ना हो।
धूम्रपान और शराब
डाक्टरों के मुताबिक धूम्रपान और शराब के सेवन करने से बचना चाहिए। क्योंकि अधिक मात्रा में शराब और धूम्रपान करने से आंखों में मोतियाबिंद उत्पन्न होने के सम्भावना बढ़ जाता है।
डायबिटीज बिमारी से बचना
हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक जो लोग डाइबिटीज बिमारी से पीड़ित रहते हैं, उन लोगों के आंखों में मोतियाबिंद उत्पन्न होने के सम्भावना ज्यादा रहता है। इसलिए डायबिटीज बिमारी से बचने के लिए अपने शरीर को स्वस्थ रखने चाहिए।
हरी सब्जियां और फल एवं एंटीऑक्सीडेंट युक्त आहार लें
हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक मोतियाबिंद बिमारी से बचने के लिए हरी सब्जियां,फल एवं एंटीआंक्सड युक्त आहार लेना चाहिए। क्योंकि एंटी ऑक्सीडेंट आहार लेने से आंखों में मोतियाबिंद उत्पन्न होने से बचा जा सकता है। इसलिए हमेशा हरी सब्जियां और फल खाने चाहिए।
नियमित आंखों के जांच करन चाहिए
हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक महिलाएं हो या पुरुष सभी को अपने आंखों का हमेशा ही जांच करना चाहिए। क्योंकि जांच करने से आंखों के मोतियाबिंद के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
क्या मोतियाबिंद बिमारी पुरी तरह से ठीक होती है ?
हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक मोतियाबिंद बिमारी शुरुआत में बहुत नोर्मल बिमारी रहता है, परंतु समय रहते इलाज नहीं हुआ तो आंखों में मोतियाबिंद बढ़ने के सम्भावना बढ़ जाता है। इसलिए जब आंखों में मोतियाबिंद बढ़ जाता है, उस समय मोतियाबिंद बिमारी से निजात पाने के लिए आपको सर्जरी करने पड़ेगा। क्योंकि जब आंखों के लेंस धुंधला हो जाता है, उस समय डाक्टरों ने धुंधला लेंस को हटाकर कृत्रिम लेंस लगा देते हैं। इसलिए मोतियाबिंद बिमारी पुरी तरह से ठीक होने के लिए सर्जरी पर निर्भर करता है।
निष्कर्ष:-
डाक्टरों के मुताबिक मोतियाबिंद बिमारी यह एक अचानक होने वाली बिमारी नहीं है। क्योंकि ये बिमारी धीरे-धीरे आंखों में बढ़ता है, क्योंकि अपने आप को ख़राब लाइफ़ स्टाइल में रखने से और शरीर को स्वस्थ रखने में असफल रहते हैं, तो आपके आंखों में मोतियाबिंद उत्पन्न होने लगता है। आंखों से जुड़े कोई भी समस्या आपको अहसास होता है तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें ।
FAQ ? section Quotation and Answer ( अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न एवं उत्तर)
Q 1. मोतियाबिंद बीमारी किस उम्र में होता है ?
उत्तर - महिला हो या पुरुष जब उम्र बढ़ने लगता है, क्योंकि उम्र बढ़ने से आंखों में समस्या उत्पन्न होने लगता है। मतलब सरल भाषा में कहा जाए तो जब लोगों का उम्र करीब 50 पच्चास साल के हो जाता हैं।तब जा कर आंखों में मोतियाबिंद बीमारी होने के संभावना बढ़ जाती है।
Q 2. क्या मोतियाबिंद दवाई से ठीक हो जाता है ?
उत्तर - जी नहीं, मोतियाबिंद दवाई से ठीक नहीं हो पाता है। क्योंकि मोतियाबिंद बीमारी पुरी तरह से ठीक होने के लिए आपको स्थायी रुप से सर्जरी करना पड़ता है।
Q 3. मोतियाबिंद से बचाव उपाय क्या है ?
उत्तर- मोतियाबिंद बीमारी से बचने के लिए आपको हमेश ही स्वस्थ रहने पड़ेंगे। इसलिए आपको हमेश ही स्वस्थ भोजन खानें चाहिए। ताकि आप स्वस्थ रहें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई गई दावों की health paswanblog live पुष्टि नहीं करता है। केवल सुझाव के रूप में लें. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
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